PMMVY योजना 2026: गर्भवती महिलाओं को ₹6000, जानिए पूरी प्रक्रिया
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🌾 नमो शेतकरी योजना 2026: किसानों को ₹6000 की सहायता। Image Credit: AI Generated |
विवरण
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना यानी PMMVY ऐसी सरकारी मदद है जो गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चे की माँ को थोड़ी आर्थिक राहत देने के लिए चलाई जाती है। खासकर उन परिवारों की महिलाओं के लिए, जिनकी आर्थिक हालत ज्यादा अच्छी नहीं होती।
इस योजना में पहले बच्चे के जन्म पर सरकार की तरफ से कुल ₹5000 की मदद दी जाती है। ये पैसा अलग-अलग किस्तों में मिलता है। अगर अस्पताल में डिलीवरी होती है, तो जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत भी कुछ पैसे मिल जाते हैं। यानी कुल मिलाकर करीब ₹6000 तक का फायदा हो सकता है।
अब सरकार ने इसमें एक और फायदा जोड़ा है। अगर दूसरा बच्चा लड़की पैदा होती है, तो उसके लिए भी ₹6000 की मदद दी जाती है। ये पैसा एक ही बार में दिया जाता है। इसका मकसद लोगों को बेटियों के प्रति अच्छा सोचने के लिए प्रोत्साहित करना है और लड़कियों के जन्म को बढ़ावा देना है।
अगर किसी महिला का गर्भपात हो जाता है या बच्चा मृत पैदा होता है, तो भी आगे होने वाली गर्भावस्था में उसे फिर से नए लाभार्थी की तरह योजना का फायदा मिल सकता है।
यह योजना 1 अप्रैल 2022 से नए नियमों के साथ लागू की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं और बेटियों को इसका फायदा मिल सके।
लाभ
पहले बच्चे के लिए मिलने वाला लाभ
| किश्त | क्या करना होगा? | मिलने वाली राशि |
|---|---|---|
| पहली किश्त | गर्भ ठहरने के बाद नाम दर्ज करवाना जरूरी है। साथ में 6 महीने के अंदर कम से कम एक बार जांच करवानी होगी। यह जांच आंगनवाड़ी या सरकारी अस्पताल में हो सकती है। | ₹3000 |
| दूसरी किश्त | बच्चे का जन्म रजिस्टर होना चाहिए और बच्चे को 14 हफ्ते तक लगने वाले सभी जरूरी टीके लग चुके होने चाहिए। | ₹2000 |
दूसरे बच्चे (अगर लड़की हो) पर मिलने वाला लाभ
| किश्त | क्या करना होगा? | मिलने वाली राशि |
|---|---|---|
| एक ही किश्त | अगर दूसरा बच्चा लड़की है, तो गर्भावस्था के दौरान नाम दर्ज करवाना और कम से कम एक जांच करवाना जरूरी है। बच्ची का जन्म रजिस्टर होना चाहिए और 14 हफ्ते तक के सभी जरूरी टीके लगने चाहिए। | ₹6000 |
पात्रता
- इस योजना का फायदा लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 19 साल होनी चाहिए और वह गर्भवती होनी चाहिए।
- जो महिलाएं काम करती हैं और गर्भावस्था की वजह से काम या मजदूरी नहीं कर पातीं, उन्हें इस योजना का फायदा दिया जाता है।
- यह योजना पहले जीवित बच्चे के जन्म पर लागू होती है। बच्चे के जन्म के बाद 270 दिनों के अंदर आवेदन करना जरूरी होता है।
- अगर दूसरी बार गर्भ में जुड़वा, तीन या चार बच्चे पैदा होते हैं और उनमें एक या ज्यादा लड़कियां हैं, तो योजना के नियमों के हिसाब से लड़की के लिए मिलने वाला फायदा दिया जाएगा।
इन महिलाओं को योजना का लाभ मिल सकता हैः
- SC/ST वर्ग की महिलाएं
- दिव्यांग महिलाएं
- बीपीएल राशन कार्ड वाली महिलाएं
- आयुष्मान भारत योजना का फायदा लेने वाली महिलाएं
- ई-श्रम कार्ड रखने वाली महिलाएं
- किसान सम्मान निधि पाने वाली महिला किसान
- मनरेगा जॉब कार्ड रखने वाली महिलाएं
- जिनके परिवार की सालाना कमाई 8 लाख रुपये से कम है
- आंगनवाड़ी, आशा या हेल्पर के तौर पर काम करने वाली गर्भवती महिलाएं
- NFSA राशन कार्ड रखने वाली महिलाएं
- सरकार द्वारा तय की गई दूसरी जरूरतमंद महिलाएं
अपवाद
- इस योजना का फायदा लेने के लिए पति का आधार कार्ड जरूरी नहीं है।
- लेकिन जो महिलाएं पहले से सरकारी नौकरी, सरकारी कंपनी या सरकारी दफ्तर में काम कर रही हैं और उन्हें वहां से मातृत्व से जुड़ी सुविधा या पैसा मिल रहा है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया
Online
- सबसे पहले आपको इस योजना के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना है और वहां “Citizen Login” वाले ऑप्शन पर आपको क्लिक करना है।
- इसके बाद अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP से वेरीफाई करें। फिर अपना नाम, राज्य, जिला, ब्लॉक, गांव जैसी जानकारी भरें और अकाउंट बना लें।
- अकाउंट बनने के बाद फिर से लॉगिन करें। लॉगिन करते समय यूजर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा भरना होगा।
- लॉगिन होने के बाद “Data Entry” वाले ऑप्शन में जाएँ और “Beneficiary Registration” पर क्लिक करें।
- अब फॉर्म में अपनी पूरी जानकारी सही-सही भरें। इसके बाद यह चुनें कि आवेदन पहले बच्चे के लिए है या दूसरे बच्चे (लड़की) के लिए।
- सारी जानकारी भरने के बाद आखिर में “Submit” बटन पर क्लिक कर दें। आवेदन पूरा हो जाएगा।
| ज़रूरी कागज़ | क्या चाहिए |
|---|---|
| आधार कार्ड | आवेदक का आधार कार्ड |
| बैंक खाता | आधार से लिंक बैंक या डाकघर खाते की जानकारी |
| बैंक डिटेल्स | खाता नंबर और बैंक की जानकारी |
| पात्रता का सबूत | योजना के लिए योग्य होने का प्रमाण |
| मदर एंड चाइल्ड कार्ड | एमसीपी या आरसीएच कार्ड |
| गर्भावस्था की जानकारी | आखिरी माहवारी (LMP) और जांच (ANC) की तारीख |
| बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | जन्म का प्रमाण पत्र |
| टीकाकरण की जानकारी | बच्चे को लगे टीकों का रिकॉर्ड |
जिन परिवारों की सालभर की कमाई 8 लाख रुपये से कम है।
जिन महिलाओं के पास मनरेगा जॉब कार्ड है।
जो महिला किसान पीएम किसान योजना का लाभ ले रही हैं।
जिनके पास ई-श्रम कार्ड है।
आयुष्मान भारत योजना का फायदा लेने वाली महिलाएं।
बीपीएल (गरीबी रेखा) राशन कार्ड रखने वाली महिलाएं।
40% या उससे ज्यादा दिव्यांग महिलाएं।
अनुसूचित जाति (SC) की महिलाएं।
अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाएं।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका और आशा कार्यकर्ता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
दूसरी किस्त कब मिलेगी?
गर्भ ठहरने के करीब 6 महीने (180 दिन) पूरे होने के बाद दूसरी किस्त के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या इस योजना में कोई और फायदा भी मिलता है?
नहीं, इस योजना में सिर्फ तय की गई तीन किस्तों का ही पैसा मिलता है। इसके अलावा कोई अलग लाभ नहीं है।
अगर बच्चे की मौत हो जाए तो क्या आगे भी पैसे मिलेंगे?
नहीं, ऐसी स्थिति में आगे की किस्तों का लाभ नहीं मिलेगा।
अगर गर्भपात हो जाए या बच्चा मृत पैदा हो तो क्या पैसा मिलेगा?
हां, गर्भावस्था जितने समय तक चली होगी, उसके हिसाब से मिलने वाली किस्तों का लाभ मिल सकता है। कई मामलों में दो किस्तों तक का पैसा मिल जाता है।
मुझे पुरानी मातृत्व योजना में सिर्फ पहली किस्त मिली थी, क्या अब बाकी पैसा मिल सकता है?
अगर आप इस योजना की सभी शर्तें पूरी करती हैं, तो तीसरी किस्त के लिए आवेदन कर सकती हैं।
अगर जुड़वा बच्चे होने वाले हैं तो क्या योजना का लाभ मिलेगा?
हां, जुड़वा बच्चों की स्थिति में भी इस योजना का लाभ लिया जा सकता है।
अगर नौकरी से मातृत्व अवकाश का पैसा मिल रहा है तो क्या इस योजना का लाभ मिलेगा?
नहीं, अगर आपको नौकरी से पहले ही मातृत्व अवकाश का पैसा मिल रहा है, तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
बच्चे के जन्म के बाद आवेदन करने पर क्या फायदा मिलेगा?
हां, अगर तय समय के अंदर आवेदन किया जाता है, तो योजना का लाभ मिल सकता है।
क्या आखिरी माहवारी (LMP) की तारीख देना जरूरी है?
निष्कर्ष
अगर आप गर्भवती हैं या आपके घर में कोई महिला गर्भवती है, तो PMMVY योजना का लाभ जरूर लेना चाहिए। इस योजना के तहत सरकार की ओर से ₹6000 तक की आर्थिक मदद दी जाती है, जिससे गर्भावस्था के दौरान होने वाले जरूरी खर्चों में कुछ राहत मिल सकती है।
आवेदन करने से पहले सभी जरूरी कागज़ तैयार रखें और समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं। सही जानकारी देने और योजना की शर्तें पूरी करने पर इसका लाभ आसानी से मिल सकता है।

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